प्रधानमंत्री रोजगार योजना 2016 (PMRY)

 रोजगार के लिए लोन

वर्तमान में केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार  योजना का क्रियान्वन हो रहा है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षित उम्मीदवारों को रोजगार देने के लिए वित्तिय सहायता उपलब्ध करवाना सरकार का लक्ष्य रहा है। यह लोन बैंकों व सहकारी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाने की व्यवस्था पर कार्य चल रहा है। वैसे शिक्षित रोजगारों को रोजगार चलानें के लिए प्रधानमंत्री योजना भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 1993 से प्रारंभ की गई है लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को नए सिरे से लागू करने का खाका बनाया है।  इस योजना के तहत बेरोजगार युवक/यूवातियोँ को बैंकों व अन्य वित्तिय स्त्रातों से लोन उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर  बनाने का काम किया जा रहा है। अनेक शिक्षित उम्मीदवारों ने सरकार कि रोजगार योजना से लोन लेकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम भी बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लोन दिए जाने की इस योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाना है। इस योजना से युवाओं को मोटी ब्याज दर से मुक्ति ओर बैंकों की मार्फत सस्ते ब्याज दर पर लोन अथवा ऋण उपलब्ध करवाना है। इस एक उद्देश्य यह भी है कि युवा नौकरीयों पर निर्भर न रह कर स्वरोजगार के लिए कार्य करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रोजगार योजना के क्रियान्वन के लिए 2015 में स्टार्टअप कंपनीयों को सरकारी सहायता दी और अब अनेक शिक्षित बेरोजगार तकनीकी कार्य कर इस स्वावलंबी बनें है।

रोजगार योजना का लाभ किसे?

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत तकनीकी ज्ञान अर्जित कर प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके उम्मीदवार प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत रोजगार चलाने के लिए लोन के लिए आवेदन कर सकतें है। इस  योजना का लाभ 18 से 35 साल के उम्मीदवारों को लोन दिया जाता है। आवेदकों की वार्षिक आय 24000 रूपये से कम हो तथा मैट्रिक पास हो।

आवेदन प्रक्रिया

रोजगार योजना के तहत लोन देने कि लिए प्रशासनिक स्तर पर गठित जिला स्तरीय अथवा उपसमिति द्वारा लाभार्थियों की पहचान/ चयन करने के लिए सभी युवक/ युवतियों का साक्षात्कार लिया जाता है एवं आवश्यक कागजातों की जाँच की जाती है। लाभार्थियों का चयन करके उनके आवेदनों को बैंकों के पास मूल्यांकन एवं स्वीकृति हेतु समिति द्वारा भेज दिया जाता है।  पुरानी प्रधानमंत्री रोजगार योजना के क्रियान्वन को लेकरचयनित लाभार्थियों को बैंक द्वारा लोन के रूप में पूँजी उपलब्ध करायी जाती है। मात्र लोन की 15 प्रतिशत राशि या अधिकतम 7500 रूपये  नकद दिया जाता है। साथ ही कूल परियोजना लागत का 5 प्रतिशत  योजना के लाभार्थी को अपने स्तर से लगाना पड़ता है। चयनित लाभार्थियों द्वारा चलाए जा रहे उद्योग धंधो की प्रगति की समीक्षा समिति द्वारा की जाती है। लोन की अदायगी में 6-8 महीने की छूट डा जाती है, परन्तु बाद में लोन के ब्याज दर  के साथ आसान किस्तों में 3 से 7 वर्ष एक अंदर भुगतान का देना पड़ता है। इस प्रक्रिया को फिल्हाल कुछ आसान बनाया गया है।

आवेदन के लिए अधिक जानकारी के लिए देखें आफिशियल वेबसाईट-


http://laghu-udyog.gov.in/

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