इंडियन आर्मी ने POK में घुसकर मारे 38 आतंकवादी 

उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना बुधवार की रात पाकिस्तान के साथ सटी नियंत्रण रेखा के पार चार किलोमीटर तक अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक के तहत लक्षित हमले में सात आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जिसमें हेलीकाप्टर सवार एवं जमीनी सैनिकों का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेना के पैरा कमांडो दस्तों द्वारा शुरू किया गया अभियान बुधवार को लगभग आधी रात में शुरू हुआ और अगली सुबह साढ़े चार बजे समाप्त हुआ। सूत्रों ने कहा कि जिन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया वे नियंत्रण रेखा से दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित थे और इन ठिकानों पर एक सप्ताह से अधिक समय से नजर रखी जा रही थी। पहली बार लाइन ऑफ कंट्रोल पार किया और पाक के कब्जेे वाले कश्मीर में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया। आर्मी ने आंकड़े तो नहीं बताए, लेकिन माना जा रहा है कि सर्जिकल कमांडो स्ट्राइक में कुल 38 आतंकी मारे गए। पीओके के 2 किमी अंदर 7 आतंकी कैम्प तबाह कर दिए गए। इस दौरान क्रॉॅस फायरिंग में पाक आर्मी के भी सैनिक मारे गए। भारत के इस एलान के बाद पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने कहा कि हम अमन चाहते हैं। भारत इसे हमारी कमजोरी न समझे। बता दें कि साल में छठी बार ऐसा हुआ है कि हमारी सेना ने सीमाओं के पार जाकर ऐसी कार्रवाई की है। 

डीजीएमओ ने दी सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी  


 डीजीएमओ रणवीर सिंह ने कहा, कि बहुत ही भरोसेमंद और पक्की जानकारी मिली थी कि कुछ आतंकी एलओसी के साथ लॉन्च पैड्स के अंदर इकट्ठा हुए हैं। वे इस इरादे के साथ इकट्ठा हुए थे कि घुसपैठ कर सीमा के इस तरफ जम्मू-कश्मीर के अंदर या भारत के अहम शहरों में आतंकी हमले कर सके । यह खबर मिलने के बाद भारतीय सेना ने कल रात आतंकियों के लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक किए। इसका मकसद आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करना था जो हमारे देश के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। हमारे सर्जिकल स्ट्राइक में कई आतंकी मारे गए। एलओसी पार उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। यह ऑपरेशन अभी खत्म हो गया है। इसका मकसद आतंकियों से निपटना था। हमारा तुरंत ऐसा कोई ऑपरेशन दोबारा चलाने का इरादा नहीं है। लेकिन भारतीय आर्म्ड फोर्सेस किसी भी आपात स्थिति का जवाब देने को पूरी तरह तैयार है। मैंने पाक के डीजीएमओ से बात कर उन्हें कल रात के ऑपरेशन की जानकारी दी। हम किसी भी सूरत में आतंकियों को एलओसी के पार बेझिझक हरकत नहीं करने दे सकते। हमें यह गवारा नहीं होगा कि आतंकी हमारे देश के अंदर किसी भी नागरिक को नुकसान पहुंचाएं। पाक ने जनवरी में भरोसा दिलाया था कि वे अपनी सरजमीं का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं होने देंगे। हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान अपने वादे पर कायम रहेगा और को-ऑपरेट करेगा।

150 कमांडो के दस्ते ने दिया मिशन को अंजाम 

 इंडियन आर्मी के पैरा कमांडोज ने एलओसी पारकर इसे अंजाम दिया। एयरफोर्स की मदद नहीं ली गई। सिर्फ पैरा कमांडो शामिल थे, जिन्हें एलओसी तक हेलिकॉप्टरों के जरिए पहुंचाया गया। बुधवार-गुरुवार दरमियानी रात 12.30 बजे यह ऑपरेशन शुरू हुआ जो 4 घंटे चला। आतंकी कैम्प पर सर्जिकल स्ट्राइक किए गए। हमारे कमांडो पाक के कब्जे वाले कश्मीर में 2 किमी अंदर तक घुस गए। 38 आतंकी मार गिराए। पाकिस्तान इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन्स ने माना कि भारत ने एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ भिम्बेर, हॉटस्प्रिंग, केल और लिपा सेक्टर में हमला किया  बताया जा रहा है कि भारतीय कमांडोज का जवाब देने पाक आर्मी आगे आई, लेकिन काउंटर ऑपरेशन में पाक के भी दो सैनिक मारे गए। सर्जिकल स्ट्राइक में सेना गुपचुप तरीके से सीमा के पार जाकर ऑपरेशन को चुनिंदा ठिकानों पर अंजाम देती है। अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को भी ऐसे ही मारा था। जॉन कैरी ने सुषमा स्वराज से दिन में दो बार फोन पर बात की:मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा हुई। कहा गया कि जॉन ने उड़ी हमले की निंदा की। सुसैन और डोभाल के बीच फोन पर बात:अमेरिकी नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर  सुसैन राइस और अजीत डोभाल के बीच गुरुवार की सुबह बातचीत हुई। सार्क समिट का बायकॉट: दो दिन पहले भारत ने एलान किया कि वह नवंबर में इस्लामाबाद में होने वाली सार्क समिट का बायकॉट करेगा। चार और देश पीछे हटे। इससे पहले यूएन में सुषमा ने पाक पर तीखे बयान दिए। एलओसी पर फायरिंग:बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एलओसी पर सीजफायर वॉयलेशन की खबरें आईं। सुबह पाक मीडिया के हवाले से खबर आई कि भारत की जवाबी फायरिंग में पाक के दो सैनिक शहीद हो गए। अमेरिका हुआ एक्टिव: गुरुवार सुबह अमेरिका की नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर सुजैन राइस ने हमारे एनएसए अजीत डोभाल से फोन पर बात की।  हाई लेवल मीटिंग:मोदी ने गुरुवार सुबह कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्युरिटी की अहम मीटिंग बुलाई। इसमें राजनाथ, सुषमा, जेटली, पर्रिकर, डोभाल, आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग, फॉरेन सेक्रेटरी एस जयशंकर और डीजीएमओ रणवीर सिंह शामिल थे ।


 भारतीय सेना की ओर से इस हमले की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता करने के कुछ ही समय बाद की गई। डीजीएमओ ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य अभियान के महानिदेशक से बात की है और भारत की चिंताओं से अवगत कराया है तथा उनसे अभियान की जानकारी भी साझा की है। उन्होंने कहा, ''भारत का इरादा क्षेत्र में शांति बनाये रखना है लेकिन हम निश्चित तौर पर आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के पार आतंकी गतिविधियों को दंडाभाव से अंजाम देकर हमारे देश के नागरिकों पर हमला नहीं करने दे सकते।'' उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान की ओर से जनवरी 2004 में की गई उस प्रतिबद्धता कि वह अपनी जमीन या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को भारत के खिलाफ किसी भी आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं इस्तेमाल करने देगा, हम पाकिस्तानी सेना से उम्मीद करते हैं कि वह हमारे क्षेत्र से आतंकवाद की इस बुराई को मिटाने में हमारे साथ सहयोग करेगी।''

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